शुक्रवार, 4 सितंबर 2015

जनमाष्टमी उत्सव के रंग कान्हा के संग!!!

वृंदावन का नटखट ग्वाला;
मेरा प्यारा मुरलिवाला;
नन्ददुलारा मैया का लाडला;

आजा!!!!
तुझको निहारूं,  माखन मिश्री खिलादूं ;
अपने प्रेम के बंधन में  तुझको मैं बांधूं ;
झूम झूम मैं नृत्य करूं;
तेरी बंसी की धुन में रमूं ;
तू संग है मेरे तो मैं न डरूं ;

आओ आओ!!!!
सखियों बहनों;
मेंहदी रचा लो, कंगना पहन लो;
रंगों, पुष्पों से घर को सजालो;
जनमाष्टमी का उत्सव मनालो;
हर्षोल्लास से मंगल गाओ;
इस पावन दिन को खास बनालो।।।

                           ----- शिल्पी सिन्हा

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